दोहा: कतर ने ईरान के हमलों के जवाब में सख्त कदम उठाते हुए उसके दूतावास के सैन्य अटैची, सुरक्षा अटैची और दोनों दफ्तरों के पूरे स्टाफ को 'पर्सोना नॉन ग्राटा' यानी अनचाहे व्यक्ति घोषित कर दिया है। कतर ने इन सभी को 24 घंटे के अंदर देश छोड़ने का आदेश दे दिया है। कतर के विदेश मंत्रालय ने आज एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि विदेश मंत्रालय के प्रोटोकॉल डायरेक्टर इब्राहिम यूसुफ फखरो ने ईरान के राजदूत अली सालेहाबादी को बुलाकर यह आधिकारिक नोट सौंपा। बता दें कि ईरान के हमले के बाद कतर के रास लफानी में स्थित गैस फील्ड में आग लग गई।
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'संप्रभुता, राष्ट्रीय हितों की रक्षा हर हाल में करेंगे'
विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, 'कतर ने यह फैसला बार-बार ईरान द्वारा हमारे देश को निशाना बनाने और हमारे खिलाफ खुले हमले के जवाब में लिया है। ये हमले कतर की संप्रभुता और सुरक्षा का उल्लंघन हैं। यह अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव नंबर 2817 और अच्छे पड़ोसी होने के सिद्धांतों का साफ-साफ उल्लंघन है। अगर ईरान की ओर से ऐसी शत्रुतापूर्ण कार्रवाई जारी रही तो कतर और भी कड़े कदम उठाएगा। हम अपनी संप्रभुता, सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा हर हाल में करेंगे।'
'हमें हर जरूरी कदम उठाने का पूरा अधिकार'
कतर ने यह भी कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार अपनी सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने का पूरा अधिकार रखता है। इस बीच, बुधवार रात को फारस की खाड़ी में तेल और गैस फील्ड पर जोरदार हमले हुए। कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में आग लग गई और सऊदी अरब के ऊपर किए गए हवाई हमलों को इंटरसेप्ट कर लिया गया। कतर के गृह मंत्रालय ने बताया कि रास लाफान में ईरानी हमले के बाद सिविल डिफेंस की टीमें आग बुझाने में लगी हैं। कतर एनर्जी ने कहा कि आग लगने के बाद इमरजेंसी टीमें फौरन काम पर लग गईं और सारे लोगों को सुरक्षित निकाला गया।